संतुलन की पुनर्स्थापना
जब सत्य वास्तव में प्रवेश करता है, तो वह उत्तेजित नहीं करता, विचलित नहीं करता, अति-उत्साहित नहीं करता। वह संरेखित (align) करता है। मन शांत हो जाता है। छाती खुल जाती है। शरीर रक्षा करना बंद कर देता है। हृदय मोल-तोल करना बंद कर देता है। हर अणु अपना स्थान पा लेता है। इसलिए नहीं कि मैं पूर्ण हो जाता हूँ। More
